Uttarakhand: देश में पहली बार नदी में डॉल्फिन की संख्या 6327 होने का अनुमान, WII देहरादून ने किया आकलन
उत्तराखंड में पहली बार नदी में डॉल्फिन (गंगेय डॉल्फिन) की संख्या का अनुमान 6327 लगाने का दावा किया गया है। यह आकलन वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII), देहरादून ने किया है। इससे पहले, गंगेय डॉल्फिन की संख्या के बारे में कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं था। इस नवीनतम अध्ययन से यह साफ होता है कि गंगेय डॉल्फिन की आबादी में बढ़ोतरी हुई है, जो नदी के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक अच्छा संकेत है।
गंगेय डॉल्फिन, जो कि भारत के लिए एक महत्वपूर्ण जलजीव है, विशेष रूप से गंगा, यमुना, गोमती, और उनके सहायक नदियों में पाई जाती है। यह प्रजाति ‘Endangered’ यानी संकटग्रस्त श्रेणी में शामिल है। WII के विशेषज्ञों का मानना है कि नदी के जलस्तर में सुधार, प्रदूषण में कमी और जलस्रोतों के संरक्षण के प्रयासों से डॉल्फिन की संख्या में वृद्धि हुई है।
WII ने डॉल्फिन की गणना के लिए अपने अध्ययन में नवीनतम तकनीकों का उपयोग किया है, जिसमें ड्रोन, सैटेलाइट इमेजिंग और GPS ट्रैकिंग जैसी विधियों का समावेश था। अध्ययन के अनुसार, गंगा नदी में सबसे ज्यादा डॉल्फिन पाई गईं, इसके बाद यमुना और अन्य नदियों का स्थान रहा।