‘सौ करार टिरी’ के मंच से गूंजी मातृभाषा की आवाज़, कविता सम्मेलन आयोजित

देहरादून में मातृभाषा आंदोलन को मजबूत करते हुए 04 जनवरी 2025 को “सौ करार टिरी” संस्था की ओर से एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ रचना संसार सभागार, प्रीतम रोड, देहरादून में संपन्न हुआ। नव वर्ष 2026 की शुरुआत को मातृभाषा आंदोलन के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह पहला कार्यक्रम माना जा रहा है, जिसने भाषा प्रेमियों और साहित्यकारों को एक मंच पर एकजुट किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य लोकभाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और उनके साहित्यिक महत्व को समाज के सामने लाना रहा। आयोजन को लेकर वक्ताओं ने कहा कि मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, पहचान और आत्मसम्मान का प्रतीक है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री रमाकान्त बेंजवाल जी रहे, जबकि अध्यक्षता श्री मदन मोहन डुकलान जी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में कलश ट्रस्ट बटिन से श्री ओम प्रकाश सेमवाल जी और वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती नीता कुकरेती जी रैन उपस्थित रहीं। सहयोगी संस्था के रूप में हिमालय विरासत न्यास, उत्तराखण्ड ने आयोजन को समर्थन दिया।

संस्था के संस्थापक श्री अरविन्द ‘प्रकृति प्रेमी’ जी को सफल आयोजन के लिए बधाई दी गई, वहीं वरिष्ठ साहित्यकार बड़ भैजी बेचैन करडियाल जी के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन बड़ भैजी श्री शान्ति प्रकाश ‘जिज्ञासु’ जी द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को सहज और प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया।

कवि सम्मेलन में आमंत्रित कवियों ने मातृभाषा, पहाड़, प्रकृति, समाज और संवेदनाओं पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। काव्य पाठ करने वाले कवि-कवयित्रीगणों में रिद्धि भट्ट, बृजपाल रावत, नैना कंसवाल, सुरेश स्नेही, सलोनी गैरोला, सिद्धि डोभाल, अनूप रावत, हरीश बडोनी, जगमोहन सिंह जयाड़ा ‘जिज्ञासु’, अंजना कण्डवाल, ममता जोशी, चन्द्र दत्त सुयाल, मनोज भट्ट ‘गढ़वळि’, सुशील चन्द्रा, मधुर वादिनी तिवाड़ी, शिव दयाल ‘शैलज’, दीपक सती, कवि सतपाल, बेलीराम कंसवाल, शशि देवली सहित अनेक कवि-कवयित्रियां शामिल रहीं।

कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन मातृभाषाओं को जीवित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

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