उत्तराखंड में 1,671 सरकारी स्कूल बंद, 3,573 बंदी के कगार पर—शिक्षा व्यवस्था पर संकट

उत्तराखंड में सरकारी विद्यालयों की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। शिक्षा विभाग की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 1,671 सरकारी विद्यालय बंद हो चुके हैं, जबकि 3,573 विद्यालय बंद होने की कगार पर हैं, क्योंकि इनमें छात्र संख्या 10 या उससे कम रह गई है।

विशेष रूप से, 102 विद्यालय ऐसे हैं, जहां केवल एक-एक छात्र अध्ययनरत है। जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो पौड़ी जिले में सबसे अधिक 315 विद्यालय बंद हुए हैं, जबकि ऊधमसिंह नगर जिले में सबसे कम 21 विद्यालय बंद हुए हैं।

पिथौरागढ़ जिले में पिछले तीन वर्षों में 183 सरकारी विद्यालय बंद हो चुके हैं, जो दर्शाता है कि शिक्षा के लिए अभिभावक पलायन कर रहे हैं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के तहत, राज्य में 1,500 से अधिक विद्यालयों को बंद कर 559 उत्कृष्ट विद्यालयों में शामिल करने की योजना है, ताकि संसाधनों का समुचित उपयोग हो सके।

शिक्षा विभाग ने बंद हो चुके विद्यालय भवनों का उपयोग आंगनबाड़ी केंद्र, होम स्टे, एएनएम सेंटर और पंचायतघर के रूप में करने की योजना बनाई है, जिससे इनका लाभ जनता को मिल सके।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाई जा सके और शिक्षा का स्तर सुधारा जा सके।