उत्तराखंड के 12 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया सोमवार को पूरी हो गई। 24 और 28 जुलाई को हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद अब इन महत्वपूर्ण पदों पर चुनाव होना है। सोमवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक नामांकन दाखिल किए गए, जिसके बाद देर शाम तक नामांकन पत्रों की जांच हुई। नतीजों के शुरुआती रुझानों से साफ है कि 4 जिला पंचायत अध्यक्ष और 11 ब्लॉक प्रमुख निर्विरोध चुने गए हैं।
ये हुए निर्विरोध निर्वाचित
निर्विरोध चुने गए जिला पंचायत अध्यक्षों में उत्तरकाशी से भाजपा समर्थित रमेश चौहान, चंपावत से भाजपा समर्थित आनंद सिंह अधिकारी, उधम सिंह नगर से भाजपा समर्थित अजय मौर्य और पिथौरागढ़ से भाजपा समर्थित जितेंद्र प्रसाद शामिल हैं। इन सीटों पर किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया, जिससे ये सीधे विजेता बने।
इन जिलों में मुकाबला जारी
बाकी 8 जिलों में कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।
- टिहरी: भाजपा समर्थित सोना सजवाण बनाम कांग्रेस समर्थित इशिता सजवाण
- देहरादून: भाजपा समर्थित मधु चौहान बनाम कांग्रेस समर्थित सुखविंदर कौर
- पौड़ी: भाजपा समर्थित रचना बुटोला बनाम कांग्रेस समर्थित दीपिका इष्टवाल
- बागेश्वर: भाजपा समर्थित शोभा आर्या बनाम कांग्रेस समर्थित सरोज आर्या
- नैनीताल: भाजपा समर्थित दीपा दर्म्वाल बनाम कांग्रेस समर्थित पुष्पा नेगी
- चमोली: भाजपा समर्थित दौलत सिंह बिष्ट बनाम कांग्रेस समर्थित रमा देवी
- अल्मोड़ा: भाजपा समर्थित हेमा गैड़ा बनाम कांग्रेस समर्थित सुनीता कुंजवाल और यूकेडी समर्थित सरस्वती देवी (त्रिकोणीय मुकाबला)
- रुद्रप्रयाग: भाजपा समर्थित पूनम कठैत बनाम कांग्रेस समर्थित प्रीति पुष्पवान
ब्लॉक प्रमुख पदों पर स्थिति
ब्लॉक प्रमुख पदों पर 11 प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए हैं, जबकि शेष 78 सीटों पर मतदान होगा।
महत्वपूर्ण तिथियां
- नाम वापसी की अंतिम तिथि: मंगलवार, सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक
- मतदान: 14 अगस्त, सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक
- परिणाम घोषणा: 14 अगस्त को ही मतदान के बाद
चुनावी माहौल और तैयारी
भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में रणनीति तेज कर दी है। दोनों दलों के वरिष्ठ नेता जिलों में सक्रिय हैं। वहीं, प्रशासन ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस बल की तैनाती और मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।
यह चुनाव न केवल स्थानीय नेतृत्व तय करेगा बल्कि पंचायत स्तर पर राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित करेगा। 14 अगस्त को होने वाला मतदान कई जिलों में सियासी तस्वीर साफ करेगा।