Uttarakhand Weather:P भारी बारिश और ऑरेंज अलर्ट के बीच मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति परीक्षा फिर स्थगित
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के चलते मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति परीक्षा एक बार फिर स्थगित कर दी गई है। एससीईआरटी के अपर निदेशक पदमेंद्र सकलानी ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए परीक्षा को अगले आदेश तक टाल दिया गया है।
यह परीक्षा प्रदेश के 347 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जानी थी, जिसमें करीब 65 हजार छात्र-छात्राएं शामिल होने वाले थे। परीक्षा दो स्तरों—जूनियर और माध्यमिक—पर होनी थी। पहले यह परीक्षा 8 जुलाई को प्रस्तावित थी, लेकिन पंचायत चुनावों के कारण इसे स्थगित कर 12 अगस्त को तय किया गया था। अब मौसम विभाग की चेतावनी के बाद इसे एक बार फिर से टालना पड़ा है।
मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्रों को शिक्षा जारी रखने में मदद करना है। इस योजना के तहत पात्र छात्रों को हर महीने 600 रुपये से 1200 रुपये तक की छात्रवृत्ति दी जाती है। इससे न केवल छात्रों की पढ़ाई में आर्थिक सहयोग मिलता है, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन भी मिलता है।
प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई जिलों में भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदियों-नालों में जलस्तर बढ़ने से यातायात बाधित हो रहा है। कई स्थानों पर स्कूल भी बंद करने पड़े हैं। मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटों के लिए भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। आपदा प्रबंधन और राहत दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
शिक्षा विभाग ने कहा है कि परीक्षा की नई तिथि जल्द घोषित की जाएगी, जिससे छात्रों को तैयारी का पर्याप्त समय मिल सके। परीक्षा स्थगित होने से छात्रों और अभिभावकों के बीच जहां निराशा है, वहीं सुरक्षा को प्राथमिकता देने के फैसले पर राहत की भावना भी है।
इस फैसले से एक बार फिर स्पष्ट हो गया है कि प्राकृतिक आपदाओं और खराब मौसम के समय शिक्षा विभाग और सरकार, छात्रों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करती। नई तिथि के एलान के बाद छात्र दोबारा अपनी पढ़ाई की योजना बना सकेंगे।