उत्तराखंड के नैनीताल जिले में हाल ही में सामने आए महिला दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी उस्मान की आपराधिक पृष्ठभूमि और फर्जी पहचान की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। कभी राजमिस्त्री का काम करने वाला उस्मान अब ठेकेदार बनकर महिलाओं को निशाना बना रहा था।
जानकारी के अनुसार, आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का रहने वाला है। वह वर्षों पहले उत्तराखंड आया था और यहां राजमिस्त्री का काम शुरू किया। समय के साथ उसने अपना नाम बदलकर “राजू” या “विक्की” जैसा हिंदू नाम रख लिया और स्थानीय लोगों का विश्वास जीतने लगा।
काम के दौरान उसने धीरे-धीरे कई निर्माण परियोजनाओं में ठेके लेना शुरू किया और खुद को ठेकेदार बताने लगा। इसी दौरान उसने तीन से ज्यादा शादियां कीं — जिनमें से एक भी महिला को उसकी असली पहचान की जानकारी नहीं थी। पुलिस को शक है कि उसने इन शादियों और रिश्तों का इस्तेमाल महिलाओं को फंसाने और शोषण के लिए किया।
नैनीताल में हुई हालिया घटना में उसने एक महिला को पहले प्रेमजाल में फंसाया, फिर उसके साथ दुष्कर्म कर निर्ममता से हत्या कर दी।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आईपीसी की धारा 302, 376 और धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज किया है। उसकी पहचान पत्र, बैंक खातों और फोन रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज में फर्जी पहचान और धार्मिक छल के जरिए कैसे अपराध को अंजाम दिया जाता है, उसका एक भयावह उदाहरण बनकर सामने आया है।