उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में मतदाताओं ने लोकतंत्र के पर्व को पूरे उत्साह के साथ मनाया। भारी बारिश और खराब मौसम भी लोगों के जोश के सामने फीका पड़ गया। सोमवार को प्रदेश के 40 विकासखंडों के 4709 मतदान केंद्रों पर कुल 70 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पहले चरण के 68 प्रतिशत से दो फीसदी अधिक रहा।
राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दूसरे चरण में कुल 21,57,199 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें से 65.50% पुरुष और 74.50% महिलाएं मतदान के लिए मतदान केंद्रों तक पहुंचीं। यह आंकड़ा यह दिखाता है कि महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा भागीदारी निभाई, जो लोकतंत्र की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
चुनाव सुबह 8 बजे से शुरू हुआ और देर शाम तक मतदान केंद्रों पर कतारें लगी रहीं। खासकर पर्वतीय जिलों में लगातार बारिश के बावजूद लोग छाता और रेनकोट के साथ मतदान के लिए डटे रहे। वहीं, देहरादून और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में भी लोगों ने जमकर वोट डाले। ऊधमसिंह नगर ने रिकॉर्ड 84.26 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे आगे रहा।
समय के साथ मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी:
- सुबह 10 बजे तक: 12.42%
- दोपहर 12 बजे तक: 24.00%
- दोपहर 2 बजे तक: 41.95%
- शाम 4 बजे तक: 58.12%
- अंत तक कुल: 70.00%
राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रहा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे और कहीं से भी किसी बड़े विवाद की सूचना नहीं आई।
इस चरण में 14,751 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई है, जबकि पहले चरण में 17,829 उम्मीदवार मैदान में थे। मतगणना 31 जुलाई को सुबह 8 बजे से शुरू होगी।
जिलावार मतदान प्रतिशत:
- ऊधमसिंह नगर: 84.26%
- देहरादून: 77.25%
- नैनीताल: 76.07%
- उत्तरकाशी: 75.96%
- चंपावत: 70.21%
- पौड़ी गढ़वाल: 69.27%
- चमोली: 66.47%
- पिथौरागढ़: 64.90%
- टिहरी: 60.05%
- अल्मोड़ा: 58.20%
दूसरे चरण के आंकड़े बताते हैं कि जनता ने अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाया है। अब सबकी नजरें 31 जुलाई की मतगणना पर टिकी हैं।